वाइड बॉल के आगे विशाल स्कोर भी हारा

हेमिल्टन वनडे में टॉस हारकर भारतीय टीम ने बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित पचास ओवरों में चार विकेट पर 347 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।यह स्कोर वास्तव में दमखम वाला था,जिस पर पार पाना मुश्किल किसी भी मजबूत टीम के लिए भी था। यहां न्यूजीलैंड सामने थी, जिसके हौंसलों को टी-20सीरीज ने तोड़ रखा था।इस सीरीज पर भारतीय टीम ने 5-0 से एकतरफा विजय प्राप्त किया था। निश्चित रूप से भारतीय टीम यहां जीत के दावेदार के रूप में थी। अच्छी बात यह भी रही कि एक विशाल लक्ष्य बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड को दिया भी। मगर……….

वाइड बॉल के आगे विशाल स्कोर भी हारा

हमारे शानदार, दमदार, घातक गेंदबाज ,जो कि वाकई शानदार, दमदार, घातक गेंदबाजी करते आ रहे थे, आज अपने लय में नहीं दिखाई दिए। सभी की गेंदबाजी, चाहे यार्कर किंग जसप्रीत बुमराह हों,स्पीड स्टार शमी हों, शार्दुल ठाकुर हों अथवा स्पिन गेंदबाजी के अगुआ कुलदीप यादव हों…… सभी के सभी दिशाहीन ही थे। सिर्फ जडेजा ही थोड़े रंग में दिखे परंतु उन्हें फिल्डर्स का साथ नहीं मिला।इसका नतीजा विगत सात सालों के शर्मनाक रिकॉर्ड के रूप में निकलकर सामने आया और कुल चार ओवर अर्थात् चौबीस गेंद वाइड बॉल के रूप में भारतीय टीम को डुबाने के लिए काफी था। सही बात तो यह है कि इस चौबीस गेंदों ने भारतीय टीम की हार की पटकथा तैयार कर दी। इसके चलते न सिर्फ अतिरिक्त चौबीस रन गए अपितु अन्य चौबीस गेंदों पर न जाने कितने रन अतिरिक्त भी बने। निश्चित रूप से भारतीय टीम की हार का सबसे बड़ा कारण कुल चौबीस वाइड बॉल को ही कहा जाएगा। इसने वास्तव में एक विशाल स्कोर को भी हरा दिया।

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